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शुक्रवार, 20 नवंबर 2009

कोशिश वही करते है


चलते वही है जो चलना चाहते है
कोशिश वही करते है  जो कुछ  करना चाहते है 
किस्मत पेड़ो पर नहीं उगती
और नाही बाजारों मे बिकती है
किस्मत वही बनाते है जो कुछ पाना चाहते है

ख्वाब धुल है उनके लिए जो
इसे हकीकत करना नही चाहते
ख्वाब फूल है उनके लिए जो
इसे कभी मुरझाने देना नही चाहते
ख्वाबो को सच वही करते है जो जागना चाहते है

कोशिश वही करते है

चलते वही है जो चलना चाहते है
कोशिश वही करते है  जो कुछ  करना चाहते है 
किस्मत पेड़ो पर नहीं उगती
और नाही बाजारों मे बिकती है
किस्मत वही बनाते है जो कुछ पाना चाहते है

ख्वाब धुल है उनके लिए जो
इसे हकीकत करना नही चाहते
ख्वाब फूल है उनके लिए जो
इसे कभी मुरझाने देना नही चाहते
ख्वाबो को सच वही करते है जो जागना चाहते है

        

बुधवार, 7 अक्टूबर 2009

हकीकत कभी तमाशा नही बनती

हकीकत कभी तमाशा नही बनती
की है आपने हमें पहचानने मै गलती
जिसके पास है पैसा
आजके दो़र मै उसीकी है चलती
किसीकी सफलता को देखा कर
पहले तो दुनिया है हँसती

अनूप पालीवाल

गुरुवार, 3 सितंबर 2009

चलते रोज है पर

चलते रोज है पर मंजिल पर पहुंच नहीं पाते
दोस्तों से मिलते रोज है पर बात कर नहीं पाते

टीवी रोज देखते है पर घर वालो का हाल पुछ नहीं पाते
कॉलेज रोज जाते है पर पड़ कर नहीं पाते

वह रोज मिलती है पर इजहार कर नहीं पाते
पानी की कमी से हम रोज नाह नहीं पाते

जीने की आस मे जिंदगी जी नहीं पाते
हाथ छुते भी तो रिश्ते छोड़ नहीं पाते

पैसा ही सब कुछ है आज के समय मे दोस्तों
पैसा नहीं होता है तो अपने भी साथ रहा नहीं पाते

बुधवार, 2 सितंबर 2009

यही सच्ची सफलता है।

सदा मुस्कराना और सबको प्यार करना
गुणी जनों का सम्मान पाना
बच्चों के दिल में रहना
सच्चे आलोचकों से स्वीकृति पाना
झूठे दोस्तों की दगाबाज़ी को सहना
ख़ूबसूरती को सराहना
दूसरों में ख़ूबियाँ तलाशना
किसी उम्मीद के बिना
दूसरोंके लिये ख़ुद को अर्पित करना
उत्साह के साथ हँसना और खेलना
और मस्ती भरे तराने गाना,
इस बात का एहसास कि आपकी ज़िंदगी ने व्यक्तियों का जीवन आसान बनाया
यही सच्ची सफलता है।