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मंगलवार, 26 मार्च 2013

मासूम सा रिश्ता

बस यही मासूम सा रिश्ता है तुमसे...
कि शामिल रहते हो मेरी हर दुआ में

मुमकिन नहीं....

मुमकिन नहीं शायद किसी को समझ पाना 

समझे बिना किसी के केसे करीब आना 

आसान है किसी को अपनी पसंद बनाना 

पर बहुत मुस्किल है किसी की पसंद बनाना 

सबसे खुबसूरत स्त्री...

माँ को रोता देख कर
बेटी बोली - आप दुनिया की
दूसरी सबसे खुबसूरत स्त्री हो
माँ हँस पड़ी
और बोली - तो पहली कोंन है
बेटी बोली -
पहली जब आप हँसती हो

लोगोँ की इच्छायेँ

लोगोँ की इच्छायेँ भी अजीब होती है पढ़ना तो प्राईवेट स्कूल मेँ चाहते हैँ लेकिन जॉब सरकारी करेगेँ......

खरीददार

ग़म की दुकान खोलकर बैठ हुआ था मैं
आँसू निकल पड़े हैं खरीददार देखकर